अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने आज शाम यहां ओलंपिक रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें पुरुष और महिला दोनों वर्गों में लगभग 200 एथलीटों ने भाग लिया।
इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए सुखु ने दोहराया कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश भर में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर और सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “खेल भी शिक्षा का एक रूप है। जिस प्रकार छात्र अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, उसी प्रकार खिलाड़ियों को भी खेलों में अपनी उपलब्धियों के माध्यम से राज्य को गौरव और पहचान दिलाने का लक्ष्य रखना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा खिलाड़ियों के सहयोग के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में आधुनिक खेल अवसंरचना का विकास पहले ही हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि हमीरपुर जिले के नादौन में 150 करोड़ रुपये की लागत से एक खेल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके इस वर्ष अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
व्यक्तित्व विकास में खेलों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सुखु ने कहा कि खेलों में भाग लेने से युवाओं में अनुशासन, टीम वर्क और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है – ये सभी गुण जीवन में सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से राज्य सरकार के नशा-विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने और एक स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सुखु ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं के लिए नकद प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा, “नकद पुरस्कार राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये कर दी गई है।”
इस अवसर पर विधायक हरीश जनार्थ, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव राजेश भंडारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

