January 8, 2026
National

दिल्ली विधानसभा में नहीं मिली सस्पेंड ‘आप’ विधायकों को एंट्री, बोले- ‘भाजपा हमें ऑफिस जाने से नहीं रोक सकती’

Suspended AAP MLAs denied entry into Delhi Assembly, say BJP cannot stop us from going to office

दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान तीन दिन के लिए आम आदमी पार्टी के चार विधायकों के बुधवार को विधानसभा परिसर में जाने पर हंगामा हो गया। आम आदमी पार्टी के विधायकों को पुलिसकर्मियों ने विधानसभा परिसर में घुसने नहीं दिया। सस्पेंड विधायकों ने इस कदम पर भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी संविधान को कमजोर कर रही है।

आईएएनएस से बातचीत में ‘आप’ विधायक कुलदीप कुमार ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती कि सदन चले। उन्होंने हमें सदन से सस्पेंड कर दिया। हमें इसका कारण भी नहीं बताया गया। अब आप एक विधायक को तीन दिनों के लिए सस्पेंड कर रहे हैं। आप मुझे कहीं भी जाने या परिसर में प्रवेश करने से कैसे रोक सकते हैं? यह असंवैधानिक है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम कह रहे हैं कि हम तीन दिनों तक कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे, भले ही यह सदन की परंपराओं के खिलाफ हो, लेकिन फिर भी हमें हमारे कार्यालयों में जाने से भी रोका जा रहा है।”

जरनैल सिंह ने भी स्थिति की तुलना तानाशाही शासन से की। उन्होंने कहा, “जो लोग ब्रिटिश शासन की तानाशाही, मुगल काल का युग देखना चाहते हैं या पुराने समय में वापस जाना चाहते हैं, वे आज दिल्ली विधानसभा के बाहर आकर इस तानाशाही को देख सकते हैं। चुने हुए विधायकों को विधानसभा के बाहर सड़क पर बैरिकेड लगाकर रोका जा रहा है। हमें तीन दिनों के लिए सदन की कार्यवाही में शामिल होने से रोक दिया गया था, लेकिन बिना किसी आदेश के हमारे वाहनों को रोका जा रहा है।”

उन्होंने आगे दावा किया कि अधिकारियों की ओर से सस्पेंशन आदेश दिखाने के बाद भी इसमें विधानसभा कार्यालयों में उनके प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं था। उन्होंने आगे कहा, “काफी कोशिशों के बाद जब ये अधिकारी हमें ऑर्डर दिखा पाए, तो उसमें कहीं भी यह नहीं लिखा था कि हम अपने ऑफिस में नहीं जा सकते।”

यह विवाद मंगलवार की घटनाओं से शुरू हुआ, जब साल का पहला दिल्ली विधानसभा सत्र उपराज्यपाल वीके सक्सेना के भाषण से शुरू हुआ। आरोप है कि आम आदमी पार्टी के विधायकों ने उपराज्यपाल के भाषण में बाधा डाली। हंगामे के बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कई विपक्षी सदस्यों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।

जब उपराज्यपाल सदन के अंदर भाषण दे रहे थे, तब आम आदमी पार्टी के विधायकों को विधानसभा के बाहर गैस मास्क पहनकर विरोध करते हुए भी देखा गया। इसके बाद, लोक निर्माण विभाग और विधायी मामलों के मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक औपचारिक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें चार विधायकों को सस्पेंड करने की मांग की गई।

स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि चारों विधायकों ने बिना किसी वैध कारण के हंगामा करके सदन और उपराज्यपाल का अपमान किया, जिसके कारण उन्हें सस्पेंड किया गया।

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