निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने सीबीआई अदालत में एक आवेदन दायर कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीबीआई) को अपने पिता और बेटी के 10 बैंक खातों को अनफ्रीज करने का निर्देश देने की मांग की है। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 6 फरवरी तक जवाब मांगा है। भुल्लर ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अदालत से पूर्व अनुमति लिए बिना “फंसाने वाले मामले” की जांच के दौरान खाते फ्रीज कर दिए। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई अवैध और मनमानी थी।
अभियुक्त एसपीएस भुल्लर के वकील ने दलील दी कि सीबीआई ने भुल्लर और सह-आरोपी कृषानु शारदा के खिलाफ 3 दिसंबर, 2025 को चालान पेश किया था। उन्होंने कहा कि बैंक खाते चालान का हिस्सा नहीं थे और इस जालसाजी मामले में उनकी कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह पता चले कि किस कानूनी प्रावधान के तहत खातों को फ्रीज किया गया था।
वकील ने कहा कि ये खाते भुल्लर के पिता और बेटी के थे और इनका कथित अपराध से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने बताया कि भुल्लर के पिता, जो सेना के पूर्व अधिकारी और पंजाब के पूर्व डीजीपी हैं और जिनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है, सार्वजनिक सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और पेंशन और कृषि आय सहित स्वतंत्र आय स्रोतों से इन खातों का रखरखाव करते थे।


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