उपायुक्त प्रीति ने आज जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन गतिविधियों की निगरानी करने और अवैध खनन को रोकने के लिए निरंतर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आज यमुनानगर स्थित जिला सचिवालय में बैठक करते हुए उन्होंने सभी एसडीएम, खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों और सिंचाई एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
जल संसाधन विभाग अवैध खनन को रोकने के लिए कदम उठाएगा। उन्होंने सिंचाई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नदी तल क्षेत्रों में अवैध खनन को रोकने के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने एसडीएम को सभी सरपंचों को निर्देश जारी करने का भी निर्देश दिया कि वे अवैध खनन को रोकने में प्रशासन की सहायता करें। साथ ही, सहयोग न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
डीसी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बिक्री कर विभाग के अधिकारियों को बंद पड़े स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि ये प्लांट चालू पाए जाते हैं, तो उनके बिजली कनेक्शन काट दिए जाएं।
डीसी प्रीति ने कहा, “संबंधित विभागों के अधिकारियों को अवैध खनन/खनन खनिजों के अवैध परिवहन में शामिल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।” उन्होंने कहा कि पंचायत की जमीन पर अवैध खनन के लिए सरपंच जिम्मेदार होंगे।
डीसी ने आगे कहा कि ई-रावणों के बहुविध उपयोग को रोका जाना चाहिए और अवैध खनन को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए। डीसी ने कहा, “अवैध खनन को रोकने के लिए चौकियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और चौकियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।”
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, छछरौली के एसडीएम रोहित कुमार व रादौर के एसडीएम नरेंद्र कुमार कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे

