27 फरवरी । पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के साथ बदसलूकी मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कोलकाता पुलिस को संबंधित बीएलओ के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी है।
सुवेंदु अधिकारी के साथ पिछले दिनों कोलकाता में मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के बाहर बदसलूकी की गई थी। उन्होंने कोलकाता पुलिस पर आरोप लगाया कि सीईओ कार्यालय के बाहर बीएलओ की ओर से उनके साथ बदसलूकी को रोकने की कोशिश नहीं की गई। विरोध के दौरान पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी पर कथित तौर पर जूते फेंके गए थे और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।
इसके बाद, सुवेंदु अधिकारी ने सुरक्षा का विषय उठाते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। इसके बाद, वकील ने सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था और बचाव के संबंध में हाई कोर्ट से सही निर्देश मांगने के लिए डिवीजन बेंच के सामने औपचारिक रूप से एक याचिका दायर की।
शुक्रवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की बेंच ने सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोलकाता पुलिस को 5 मार्च तक इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब 24 फरवरी को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का एक संगठन मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहा था, जिन्हें कथित तौर पर सत्तारूढ़ टीएमसी का समर्थन मिला हुआ था।
दोपहर में जब शुभेंदु अधिकारी वहां पहुंचे तो माहौल गरमा गया। आरोप है कि शुभेंदु अधिकारी की कार के आसपास विरोध प्रदर्शन किया गया। उनके खिलाफ नारे लगाए गए। यह भी आरोप है कि उस भीड़ में से कुछ लोगों ने नेता प्रतिपक्ष पर जूते फेंके। बीएलओ के प्रदर्शन के बाद उस दिन सुवेंदु अधिकारी सीईओ कार्यालय में घुस गए।
हालांकि, एक महिला बीएलओ ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों को पीटा और धमकाया। यहां तक कि महिलाओं के साथ भी बुरा बर्ताव किया गया। इसी बीच, सुवेंदु अधिकारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया।


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