7 मार्च । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को चेन्नई में आरएन रवि से मुलाकात कर उन्हें पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में नियुक्त किए जाने पर बधाई दी।
गिंडी स्थित राज्यपाल के आधिकारिक आवास पर हुई यह बैठक दोनों नेताओं के बीच उनके पिछले राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक औपचारिक और सौहार्दपूर्ण रही।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा आरएन रवि के पश्चिम बंगाल में तबादले की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शिष्टाचार भेंट के तौर पर राजभवन जाकर उनसे मुलाकात की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पारंपरिक शॉल भेंट कर सम्मानित किया और सद्भावना के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध तमिल संत-कवि तिरुवल्लुवर की एक प्रतिमा भी उन्हें भेंट की।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार और राज्यपाल आरएन रवि के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण संबंध रहे हैं।
प्रशासनिक और विधायी मामलों पर दोनों पक्षों के बीच कई बार मतभेद सामने आए थे, जिनमें सबसे बड़ा विवाद तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित कई विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिलने में हुई देरी को लेकर था।
राज्य सरकार ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी देने में अनावश्यक विलंब कर रहे हैं, जिससे निर्वाचित सरकार के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है।
यह विवाद इतना बढ़ गया था कि राज्य सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत का रुख करना पड़ा। सरकार ने अदालत से यह स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की थी कि विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर राज्यपाल की भूमिका और समयसीमा क्या होनी चाहिए।
इन मतभेदों के बावजूद शनिवार की मुलाकात को राजनीतिक और संवैधानिक शिष्टाचार का संकेत माना जा रहा है। पर्यवेक्षकों के अनुसार यह बैठक तमिलनाडु में आरएन रवि के कार्यकाल के अंत का प्रतीक भी है, क्योंकि अब वह पश्चिम बंगाल में अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं।
दरअसल यह घटनाक्रम 5 मार्च को सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद सामने आया, जिससे पश्चिम बंगाल में राज्यपाल पद खाली हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया।
राष्ट्रपति की ओर से जारी एक अन्य घोषणा में यह भी कहा गया कि आगे की व्यवस्था होने तक आरवी आर्लेकर तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्टालिन और रवि के बीच यह संक्षिप्त मुलाकात एक औपचारिक लेकिन महत्वपूर्ण क्षण है, जो तमिलनाडु सरकार और राजभवन के बीच लंबे समय से चल रहे संवैधानिक और राजनीतिक विवादों से भरे एक अध्याय के समापन का संकेत देती है।

