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तमिलनाडुः कोयंबटूर में एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर विवाद, किसानों ने बाउंड्रीवॉल का किया विरोध

Tamil Nadu: Dispute over airport expansion in Coimbatore; farmers oppose boundary wall.

तमिलनाडु के कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। चिन्नीयाम्पलयम और इरुगुर के निवासी और किसान एयरपोर्ट के नए टर्मिनल तक जाने वाली नई अप्रोच रोड के दोनों ओर बाउंड्री वॉल बनाने के एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एएआई) के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।

एयरपोर्ट के विस्तार प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन का कुछ हिस्सा देने वाले कई किसानों का आरोप है कि प्रस्तावित दीवार से उनकी बची हुई प्रॉपर्टी और खेती की जमीन तक पहुंचने का रास्ता बंद हो जाएगा, जिससे उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा।

यह मामला अविनाशी रोड से नए टर्मिनल तक बनाई जा रही 1,917 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी अप्रोच रोड से जुड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क आरजी पुदुर, इरुगुर और चिन्नियामपालयम के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है और 20 मीटर चौड़ी एक स्थानीय सड़क को काटती है, जो अभी इस इलाके की कई रिहायशी और खेती वाली प्रॉपर्टी तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है।

किसानों का कहना है कि अगर अप्रोच रोड के पूरे हिस्से को दीवारों से घेर दिया जाए, तो उनकी ज़मीनों और आस-पास की सड़कों (जैसे इरुगुर रोड) से उनका ज़रूरी संपर्क टूट जाएगा।

एक किसान ने कहा, “हमें एयरपोर्ट परिसर के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अप्रोच रोड के किनारे दीवारें बनाने से मौजूदा सार्वजनिक सड़क बंद हो जाएगी और हमारी बची हुई जमीनें अलग-थलग पड़ जाएंगी।” इस किसान ने एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए दो एकड़ से अधिक जमीन दी थी और अपनी बची हुई जमीन पर खेती कर रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि राज्य सरकार ने अक्टूबर 2010 में एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण का सरकारी आदेश जारी किया था। हालांकि मूल मालिकों के पास बची जमीनों तक पहुंचने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया था।

अधिग्रहित जमीन का मुआवजा 2020 में तय किया गया और उसका भुगतान किया गया। इसमें खेती वाली जमीन के मालिकों को 900 रुपये प्रति वर्ग फुट और रिहायशी जमीन के मालिकों को 1,500 रुपये प्रति वर्ग फुट मिले। जमीन मालिकों का कहना है कि उनकी बची हुई जमीन ही उनकी आजीविका का मुख्य जरिया है और अगर आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते नहीं दिए गए, तो एयरपोर्ट की सुरक्षा पाबंदियों की वजह से खेती करना और रोज़मर्रा की जिंदगी जीना मुश्किल हो जाएगा।

इसके समाधान के तौर पर स्थानीय निवासियों ने एएआई से अपील की है कि वे एयरपोर्ट तक जाने वाली मौजूदा सड़क की तरह ही, अप्रोच रोड के दोनों तरफ 10 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाएं। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि अगर आने-जाने का रास्ता पक्का नहीं किया जा सकता, तो अधिकारियों को उनकी बची हुई प्रॉपर्टी भी खरीद लेनी चाहिए।

स्थानीय निवासियों की आपत्तियों के बाद एएआई के अधिकारियों ने दीवार बनाने का काम रोक दिया है और वे दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। यह मामला सुलूर के विधायक एन.एम. सुकुमार के सामने भी उठाया गया है। एएआई अधिकारियों से मिलने के बाद सुकुमार ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी से सर्विस रोड बनाने की अपील की है ताकि लोगों का आना-जाना बिना रुकावट जारी रहे। उन्होंने कहा कि किसानों और निवासियों को उनकी जमीन तक पहुंचने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है और उन्हें भरोसा है कि कोई ऐसा समाधान निकल आएगा जो सभी को मंजूर हो।

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