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अक्षय ओबेरॉय की ‘लव लॉटरी’ का टीजर रिलीज, पुरुष अधिकारों और कानूनों के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल

Teaser for Akshay Oberoi's 'Love Lottery' released; raises questions about men's rights and the misuse of laws.

अभिनेता अक्षय ओबेरॉय की सस्पेंस थ्रिलर और कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘लव लॉटरी’ के मेकर्स ने मंगलवार को टीजर रिलीज कर दिया है। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म रिश्तों के उतार-चढ़ाव और पुरुष अधिकारों जैसे विषयों को उठाती है।

38 सेकंड का टीजर रिश्तों, भरोसे, महिलाओं पर आधारित कानूनों के कथित गलत इस्तेमाल और पुरुषों के अधिकारों के बारे में ज्यादा जागरूकता की जरूरत पर गंभीर सवाल उठाती है। टीजर में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और बाकी कलाकार इमोशनल और तनाव भरे सीन में नजर आ रहे हैं। अक्षय ओबेरॉय का किरदार सवालों और उलझनों में घिरा दिख रहा है, वहीं दूसरे किरदारों की रहस्यमयी एंट्री कहानी में और सस्पेंस जोड़ देती है।

फिल्म की कहानी कार्तिक सक्सेना नामक एक कॉर्पोरेट पेशेवर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका वैवाहिक जीवन तब उलझ जाता है जब उसे पत्नी के अफेयर का पता चलता है। तलाक और झूठे घरेलू हिंसा के मामलों के बीच पत्नी की हत्या हो जाती है और कार्तिक मुख्य संदिग्ध बन जाता है। इसके बाद कार्तिक खुद को बेकसूर साबित करने के लिए एक कठिन कानूनी लड़ाई लड़ता है। अरविंद पांडे के निर्देशन में बनी फिल्म की कहानी अंकुर खत्री ने लिखी है। कुलदीप भार्गव तुषार ने सिनेमागंज फिल्म्स के बैनर तले फिल्म को प्रोड्यूस किया है।

फिल्म में कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्रियारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू जैसे कलाकार अहम किरदार में नजर आएंगे।

मुख्य कलाकार अक्षय ओबेरॉय का कहना है कि वे इस फिल्म के जरिए ऐसे मुद्दे से जुड़ी कहानी को दिखाने जा रहे हैं, जिसके बारे में आमतौर पर न बातें होती हैं और न ही कहीं दिखाया जाता है। उन्होंने कहा, “हमारी फिल्म उन मुद्दों की बात करती है, जिनके बारे में हमारे समाज के पुरुष अक्सर खुलकर बात करने में हिचकिचाते हैं या शर्म करते हैं। कुछ कानूनों के गलत इस्तेमाल की वजह से समाज का एक वर्ग जिंदगी भर दर्द झेलता आया है। ये फिल्म उन लोगों की आवाज है, जिन्होंने ऐसा अनुभव किया है। मेरा मानना है कि पीड़ित सिर्फ पुरुष ही नहीं होता-उसकी मां, बहन या कोई भी करीबी महिला भी इसी वजह से परेशान हो सकती है।”

निर्देशकअरविंद ने भी फिल्म को लेकर अपनी राय दी। उन्होंने कहा, “‘लव लॉटरी’ के जरिए हम कोशिश कर रहे हैं कि क्राइम, सस्पेंस और इमोशन के जरिए एक ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर बात की जाए जिस पर आमतौर पर चर्चा नहीं होती। फिल्म का मकसद किसी एक जेंडर को टारगेट करना या दोष देना नहीं है, बल्कि ये सवाल उठाती है कि जब कानून, रिश्ते और निजी झगड़े आपस में जुड़ जाते हैं तो क्या होता है।

वहीं, प्रोड्यूसर कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ ने अपनी बात रखते हुए कहा, “मैंने कहानी को दिलचस्प तरीके से बताने की कोशिश की है, साथ ही दर्शकों के लिए सोचने के लिए कुछ सवाल भी छोड़े हैं।” लेखक अंकुर खत्री ने कहा, “लव लॉटरी का विषय बहुत संवेदनशील है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी इसे संतुलन और समझदारी के साथ पेश करना। फिल्म दिखाती है कि कैसे प्यार, भरोसा और शादी कभी-कभी एक अनपेक्षित मोड़ ले सकते हैं।”

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