February 14, 2026
National

द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ा तनाव

Tensions rise in the DMK-Congress alliance over seat-sharing

14 फरवरी । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सत्तारूढ़ डीएमके–कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर तनाव के संकेत सामने आने लगे हैं।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने दोनों दलों के बीच पावर-शेयरिंग को लेकर अटकलों को फिर हवा दे दी है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब तमिलनाडु सरकार में मंत्री राजा कन्नप्पन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि डीएमके आगामी विधानसभा चुनाव में 160–170 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और 160 तक सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त है।

उनके इस बयान को उद्धृत करते हुए मणिकम टैगोर ने एक्स पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, “2021 में आपने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा और 133 सीटें जीतीं। हम उन सीटों के बारे में पूछ रहे हैं, जहां आप हारे थे।”

उन्होंने आगे कहा, “सत्ता में हिस्सेदारी जरूरी है। सत्ता में भागीदारी हमारा अधिकार है। जनता फैसला करेगी।”

टैगोर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार में कांग्रेस की भागीदारी को लेकर लगातार चर्चा और खंडन हो रहे हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई में एक निजी कार्यक्रम में स्पष्ट किया था कि तमिलनाडु में गठबंधन सरकार की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रहेगा, लेकिन सरकार में सत्ता साझेदारी का कोई प्रावधान नहीं होगा। इससे कांग्रेस के कुछ नेताओं की मंत्री पद की मांगों पर विराम लग गया।

स्टालिन के बयान के बाद टैगोर ने फिर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जनता तय करेगी कि यह गठबंधन सरकार होगी या एकदलीय सरकार। 2006 में जनता के जनादेश को लागू न करना तमिलनाडु कांग्रेस की गलती थी।”

गौरतलब है कि 2006 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 96 सीटें और कांग्रेस ने 34 सीटें जीती थीं, जिसके आधार पर गठबंधन सरकार बनी थी। टैगोर का संकेत था कि उस समय कांग्रेस को अधिक मजबूत सत्ता साझेदारी पर जोर देना चाहिए था, क्योंकि डीएमके को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था।

11 फरवरी को इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि डीएमके-कांग्रेस संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा, “डीएमके-कांग्रेस का रिश्ता वैसा नहीं है जैसा कुछ लोग समझते हैं। हम सहज हैं। कुछ लोग भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें चिंता नहीं है और राहुल (गांधी) को भी नहीं है।”

इस पर टैगोर ने दोबारा सवाल किया, “अगर लोग शासन में हिस्सेदारी मांगते हैं तो उसे साजिश कैसे कहा जा सकता है?”

जैसे-जैसे चुनावी माहौल गर्म हो रहा है, सीट बंटवारे और सत्ता में हिस्सेदारी का मुद्दा डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के भीतर एक अहम चर्चा का विषय बना हुआ है।

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