भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता और बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने आज राज्य सरकार पर चुनावी वादों को पूरा करने में कथित विफलता से जनता का ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध लेने का आरोप लगाया। यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जमवाल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार लगभग चार साल सत्ता में रहने के बावजूद प्रमुख वादों को पूरा करने में विफल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायती राज चुनाव जानबूझकर विलंबित किए गए और उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही संपन्न हुए। जमवाल ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूर्ण संपन्न कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को नगर निकायों, जिला परिषदों, ब्लॉक विकास समितियों और पंचायतों में जनता का मजबूत समर्थन मिला है और कहा कि परिणाम कांग्रेस सरकार के प्रति बढ़ती जन असंतोष को दर्शाते हैं।
जमवाल ने आगे आरोप लगाया कि चुनावी हार का सामना करने के बाद सरकार ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और कई विधायकों से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ये मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित थे।
उन्होंने बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और कथित निगरानी उपायों को लेकर सरकार की आलोचना की और दावा किया कि ये सब तानाशाही रवैया दर्शाते हैं। जमवाल ने मुख्यमंत्री से विपक्ष को निशाना बनाने के बजाय शासन और जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

