भाजपा ने कथित चेस्टर हिल घोटाले को लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है और भूमि विवाद की उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि सोलन के चेस्टर हिल भूमि विवाद ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इसे अभूतपूर्व बताया कि कार्यवाहक मुख्य सचिव को आरोपों से बचाव के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। उन्होंने कहा, “जब अधिकारी खुद स्पष्टीकरण देने के लिए आगे आते हैं और सरकार चुप रहती है, तो इससे संकेत मिलता है कि कुछ गड़बड़ है।”
शर्मा ने घोषणा की कि भाजपा 8 से 11 अप्रैल तक राज्य के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मामले की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ लगाए गए आरोपों ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है, जिससे प्रशासन के उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर जनता की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार न केवल दागी अधिकारियों को संरक्षण दे रही है, बल्कि उन्हें कार्यकाल विस्तार और महत्वपूर्ण पदों से पुरस्कृत भी कर रही है।
प्रवेश शुल्क के मुद्दे पर बात करते हुए शर्मा ने मुख्यमंत्री पर विधानसभा में एक बयान देने और उसी शाम विरोधाभासी अधिसूचना जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पांच सीटों वाले वाहनों पर 100 रुपये का प्रवेश शुल्क लगाना आम आदमी पर सीधा बोझ है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर पंचायती राज चुनावों में देरी और हेरफेर करने का भी आरोप लगाया।

