नादौन के पास कोहला गांव के सीता राम के परिवार ने आज उनका पार्थिव शरीर यहां के डॉ. राधाकृष्णन सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल को दान कर दिया। 81 वर्षीय सीता राम का आज सुबह घर पर संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। मृतक के सबसे बड़े बेटे विनोद कुमार ने कहा कि परिवार ने मृतक की इच्छा के अनुसार शव दान कर दिया।
विनोद कुमार ने बताया कि उनके पिता ने लगभग चार साल पहले अपनी मृत्यु के बाद शरीर दान करने की इच्छा व्यक्त की थी। तब से उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को अपनी अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए तैयार कर रखा था। परिवार शव को मेडिकल कॉलेज ले आया और कॉलेज अधिकारियों को सौंप दिया।
विभाग प्रमुख डॉ. हरजिंदर सिंह ने कहा कि यह एक अत्यंत नेक दान है, जिससे चिकित्सा जगत और छात्रों को सीखने और शोध कार्य करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले मेडिकल कॉलेज को चंडीगढ़ स्थित पीजीआई से शव मंगवाने पड़ते थे, लेकिन पिछले तीन वर्षों में जिले के लोगों ने पांच शव दान किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि शव को आमतौर पर 10-15 वर्षों तक, और आवश्यकता पड़ने पर इससे भी अधिक समय तक संरक्षित रखा जाता है।
इसी बीच, नादौन से कई रिश्तेदार और प्रमुख व्यक्ति परिवार के साथ शव को मेडिकल कॉलेज को सौंपने आए और इस नेक कार्य की सराहना की।

