बुधवार की सुबह नूरपुर की सदवान ग्राम पंचायत में मातम छा गया, जब 22 वर्षीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान जतिन धीमान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। धीमान का 23 फरवरी को रांची (झारखंड) में कमांडो प्रशिक्षण के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
आज दोपहर राजकीय सम्मान के साथ उस युवा जवान का अंतिम संस्कार किया गया। हजारों शोक संतप्त लोग “जतिन अमर रहे” और “भारत माता की जय” के नारे लगाते हुए अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लगभग 4 किलोमीटर पैदल चले। अंतिम संस्कार से पहले बीएसएफ बटालियन की एक टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
स्थानीय विधायक रणबीर निक्का, पूर्व मंत्री राकेश पठानिया, पूर्व विधायक अजय महाजन और नूरपुर के एसडीएम अरुण शर्मा ने दिवंगत सैनिक को पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। परिवार पर यह विपत्ति दोहरी है। जतिन के पिता सुरिंदर कुमार, जो स्वयं बीएसएफ में कार्यरत थे, का जुलाई 2019 में हृदयाघात से निधन हो गया था। जुलाई 2023 में बीएसएफ में भर्ती हुए जतिन ने अपने पिता की तरह ही असामयिक निधन से पहले लगभग ढाई साल तक सेवा की थी।
पिता और पुत्र दोनों के अचानक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और पूरा गांव गहरे मातम में डूबा हुआ है।


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