भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत हाइड्रोकार्बन महानिदेशक (डीजीएच) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) ने राज्य में प्राकृतिक गैस और तेल की खोज करने के लिए समर्थन मांगने हेतु पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल से मुलाकात की।
गोयल ने जोर देकर कहा कि पोटाश की संभावनाओं की खोज के बाद, पंजाब अब तेल भंडार की खोज की ओर बढ़ रहा है। मंत्रालय ने पंजाब के मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला सहित विभिन्न क्षेत्रों और राजस्थान के बाड़मेर, सांचोर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर बेसिन के साथ-साथ गंगा बेसिन और पंजाब के आसपास के क्षेत्रों में सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
इस टीम का नेतृत्व अजई कुमार शर्मा (एचओडी, डीजीएच) और सुरेंद्र कुमार दास (डीजीएम, डीजीएच) ने किया, साथ ही अनुप कुमार (ओआईएल के कार्यकारी निदेशक), रत्नेश पांडे (अधीक्षक भूभौतिकीविद्, ओआईएल), दुर्गेश दीप मिश्रा (प्रमुख, एशियन एनर्जी सर्विसेज) और चमन सिंह (सलाहकार, भूकंपीय संचालन, एशियन एनर्जी सर्विसेज) भी इसमें शामिल थे।
पंजाब उप-बेसिन में लगभग 169 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए एक व्यापक 2डी भूकंपीय सर्वेक्षण किया जाएगा। शर्मा ने बताया कि इस पहल को “मिशन अन्वेषण” नाम दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संपूर्ण अभ्यास वैज्ञानिक और अन्वेषणात्मक प्रकृति का होगा, जिसका उद्देश्य सटीक भूवैज्ञानिक डेटा उत्पन्न करना होगा।

