उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश और पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर पूरे देश की जनता विश्वास करती है। सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “निश्चित है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरे देश की जनता ने विश्वास किया है और कर रही है। नीट पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट की कड़ा कानून लाने की तैयारी है।” राजभर आगे कहा, “यह तय है कि कैबिनेट मौजूदा कानूनी ढांचे को और मजबूत करने के लिए एक और भी सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। यह सरकार की एक सकारात्मक पहल है।” उन्होंने यह भी कहा कि छात्र पढ़ाई करने के लिए शिक्षण संस्थानों में गए हैं, न कि भूख हड़ताल पर बैठने के लिए।
इस दौरान, ओमप्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने खुद सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया था। उनके कार्यकाल में परीक्षा के पेपर कई दिन पहले ही बिक जाते थे, नकल बड़े पैमाने पर होती थी और सरकारी नौकरियां तय रेट पर मिलती थीं, यानी पैसे दो और नौकरी पाओ। होनहार और काबिल छात्र फेल हो जाते थे, जबकि नाकाबिल छात्र पास हो जाते थे। अखिलेश यादव के कार्यकाल में ऐसा ही होता था।”
राजभर ने अखिलेश यादव की उस टिप्पणी पर भी पलटवार किया, जिसमें सपा प्रमुख ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ के मुद्दे पर भाजपा सरकार बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाकर मामले को रफा-दफा करवाने की कोशिश कर रही है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जवाब दिया, “वे (अखिलेश यादव) गलत बयान दे रहे हैं। अगर आज अखिलेश यादव सत्ता में होते, तो वे भी वही कदम उठाते जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उठा रहे हैं। एक बार एफआईआर दर्ज हो जाने, गिरफ्तारियां हो जाने, एसआईटी की जांच शुरू हो जाने और सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अगर अखिलेश यादव को सुप्रीम कोर्ट पर भी भरोसा नहीं है, तो फिर और कुछ कहने को नहीं बचता।”

