बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर किए पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में रोहिणी आचार्य के पोस्ट को उनका आंतरिक मुद्दा बताया और कहा कि मेरा इस पर किसी भी प्रकार से रिएक्ट करना ठीक नहीं रहेगा। यह उनके घर का मुद्दा है। अब कौन यह सब कुछ कर रहा है और कौन नहीं, इस बारे में तो बेहतर रहेगा कि रोहिणी आचार्य ही बताएं तो ठीक है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन इस देश की प्रधानमंत्री हिजाब वाली बनेगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न समुदाय के लोग रहते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई भी शामिल हैं। इस देश के विकास और नेतृत्व में विभिन्न समुदाय के लोगों का अमूल्य योगदान है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है, लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि हमारे लिए पहले राष्ट्र है और इसके बाद कोई दूसरा विषय आता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में दोहरी गति से विकास हो रहा है। विकास से संबंधित कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। हम लोग इसी सिद्धांत के साथ काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत किसी नेता का चुनाव होता है। इस देश में कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। इसमें किसी को किसी भी प्रकार का शक नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पूरा देश इस बात को जानता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में देश सुरक्षित है। उनके नेतृत्व में देश के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। देश के लोग इस बात को भलीभांति जानते हैं कि अगर आज देश में चौतरफा विकास की बयार बह रही है, तो इसका श्रेय निसंदेह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली को ही जाता है। ऐसे में उनकी कार्यशैली को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
राम कृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ईडी के कार्य में बाधा डालने के लगे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति रही कि सीएम ममता बनर्जी ने ईडी के कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। ऐसा इस देश में पहली बार देखने को मिला कि कोई स्वतंत्र जांच एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और मुख्यमंत्री ने वहां जाकर उनके कार्ड में अड़चन डालने की कोशिश की। यह किसी भी देश के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आज की तारीख में ऐसे लोगों की चौतरफा आलोचना हो रही है।

