March 18, 2026
National

भारत के युवाओं का साहस-आत्मविश्वास वीरता और पराक्रम की प्रेरणा देता है : पीएम मोदी

The courage and self-confidence of India’s youth inspires bravery and valour: PM Modi

18 मार्च । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शौर्य के महत्व और एक वीर व्यक्ति के पूरे विश्व पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित शेयर किया है। उन्होंने कहा कि वीरता और पराक्रम ही वह पूंजी हैं, जिनके बल पर हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। भारत के युवाओं का साहस और आत्मविश्वास इस दिशा में प्रेरणा का काम करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “वीरता और पराक्रम वो पूंजी है, जिससे हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। भारत के युवाओं का साहस और आत्मविश्वास इसी की प्रेरणा देता है।”

उन्होंने संस्कृति सुभाषित शेयर करते हुए लिखा, “एकेनापि हि शूरेण पादाक्रान्तं महीतलम्। क्रियते भास्करेणेव स्फारस्फुरिततेजसा।”

सुभाषित में कहा गया है, “सूर्य जिस प्रकार अपने प्रखर और विस्तृत तेज से समग्र पृथ्वी को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार एक वीर पूरी पृथ्वी को अपने पराक्रम से प्रभावित करता है।”

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें जीवन की सबसे कठिन बाधाओं को दूर करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व का उल्‍लेख किया गया। उन्होंने कहा कि साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण व्यक्ति के लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट में लिखा, “जो व्यक्ति साहस और संकल्प से भरा हो, उसके लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के बल पर हम कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर सकते हैं। एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम् । तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥”

इस संस्कृत सुभाषित में कहा गया, “जिस प्रकार एक शेर में हजार हाथियों को हराने की शक्ति होती है, उसी प्रकार एक व्यक्ति को शेर की तरह निडरता, साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के साथ नेक कार्यों में संलग्न होना चाहिए।”

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