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तृणमूल कांग्रेस में लगातार बढ़ रही संकट, जो हो रहा वह अनैतिक : सौगत रॉय

The crisis within the Trinamool Congress is constantly escalating; what is happening is unethical: Saugata Roy.

12 जून । तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बढ़ते अंदरूनी मतभेदों के बीच पार्टी सांसद सौगत रॉय ने कहा है कि कुछ सांसद दावा कर रहे हैं कि उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, फिर भी उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, वह अनैतिक और गलत है।

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए, लेकिन फिर भी उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। मीडिया में हस्ताक्षरों की एक सूची प्रसारित हो रही है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि 18, 19 या 20 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। दो-तिहाई बहुमत के फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है, लेकिन मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जो कुछ वे कर रहे हैं, वह अनैतिक और गलत है।”

उन्होंने कहा, “ये सभी सांसद तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उनके लिए प्रचार किया था और पार्टी ने उन्हें पूरा समर्थन दिया था। अचानक ऐसा क्या हो गया कि वे पार्टी छोड़ने की सोच रहे हैं? वे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर रहे हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की योजना बना रहे हैं। राजनीति में इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। यह सब ‘ऑपरेशन लोटस’ के कारण हो रहा है। भाजपा अपनी संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है।”

सौगत रॉय ने कहा, “एक तरफ समिक भट्टाचार्य अस्वस्थ होकर अस्पताल में भर्ती हैं, वहीं दूसरी ओर सुवेंदु अधिकारी काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने शाम को शताब्दी रॉय के आवास पर जाकर मुलाकात की और बाद में कोलकाता में कुछ असंतुष्ट नेताओं से भी मिले। ऐसा लगता है कि वह किसी तरह ‘ऑपरेशन लोटस’ को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।”

इस बीच शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 19 लोकसभा सांसदों के हस्ताक्षर वाले तीन पन्ने सामने आए हैं। जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये सांसद लोकसभा में पार्टी के मुख्य और बहुमत वाले समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये तीनों पन्ने उस कथित पत्र का हिस्सा हैं या नहीं, जिसे सांसदों ने काकोली घोष और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जमा कराया है।

इन दस्तावेजों में सबसे पहला हस्ताक्षर काकोली घोष का और दूसरा हस्ताक्षर शताब्दी रॉय का बताया जा रहा है। हालांकि, इन तीन पन्नों और उन पर मौजूद 19 सांसदों के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

तीन पन्नों में दिख रहे अन्य लोकसभा सदस्यों के हस्ताक्षर में मथुरापुर से बापी हलदर, बर्दवान पूर्व से शर्मिला सरकार, हावड़ा से प्रसून बनर्जी, कूच बिहार से जगदीश वर्मा बसुनिया, बोलपुर से असित मल, बांकुरा से अरूप चक्रवर्ती, झाड़ग्राम से कालीपद सोरेन, घाटल से दीपक अधिकारी उर्फ देव, मेदिनीपुर से जून मालिया, बैरकपुर से पार्थ भौमिक, जंगीपुर से खलीलुर रहमान, अबू शामिल हैं। इसके साथ ही मुर्शिदाबाद से ताहिर खान, बहरामपुर से युसूफ पठान, आरामबाग से मिताली बाग, कोलकाता (दक्षिण) से माला रॉय, हुगली से रचना बनर्जी और जादवपुर से सयोनी घोष है।

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