कांग्रेस नेताओं ने आज अंबाला शहर में पार्टी के एमजीएनआरईजीए बचाओ अभियान के तहत एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने जगाधरी गेट स्थित अंबाला नगर निगम के पास धरना प्रदर्शन किया और योजना में किए गए संशोधनों के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की।
अंबाला शहर के विधायक निर्मल सिंह ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की उन नीतियों के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ाना था जो एमजीएनआरईजीए को कमजोर कर रही हैं और श्रमिकों के अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाना था।
उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है और इसके परिणाम गरीबों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को भुगतने पड़ रहे हैं। चुनाव नजदीक आने पर संवैधानिक संस्थाएं और जांच एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं, जिससे यह साबित होता है कि सत्ता का इस्तेमाल जन कल्याण के लिए नहीं, बल्कि असहमति को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है और नागरिक स्वतंत्रता को कमजोर करती है।
नारायणगढ़ के विधायक शैली चौधरी ने कहा कि एमजीएनआरईजीए सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। चौधरी ने आगे कहा, “भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ रही है और मजदूर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।” कुरुक्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के दौरान थानेसर के विधायक अशोक अरोरा ने कहा, “भाजपा सरकार ने एमजीएनआरईजीए योजना और गरीब मजदूरों को दी गई गारंटियों को खत्म कर दिया है। विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।”


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