आज सुबह फिरोजपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में उस समय दहशत फैल गई जब उसके आधिकारिक ईमेल पर बम की धमकी मिली, जिसके चलते पुलिस को परिसर खाली कराना पड़ा और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा परिसर की व्यापक तलाशी अभियान चलाने के दौरान आम जनता के प्रवेश पर रोक लगानी पड़ी।
यह धमकी उस दिन मिली जब अदालत परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होना था। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन धमकी के मद्देनजर पुलिस ने एहतियात के तौर पर परिसर को खाली करा दिया। सुरक्षा जांच के चलते अदालत की कार्यवाही सुबह 11:30 बजे तक स्थगित रही।
ईमेल मिलते ही दलबीर सिंह (एसपी), बरजिंदर सिंह (डीएसपी (डी), करण शर्मा (डीएसपी (ग्रामीण)) और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इलाके की जांच के लिए डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दल भी तैनात किए गए। पुलिस टीमों ने कमरों, कार्यालयों, गलियारों और परिसर के अन्य हिस्सों की तलाशी ली। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
एसपी दलबीर सिंह ने बताया कि पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई है और अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए तकनीकी टीमें भी काम कर रही हैं।
इस घटना ने अदालत परिसर को बार-बार मिल रही धमकियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यह बताना ज़रूरी है कि पिछले लगभग नौ महीनों में यह पांचवीं ऐसी धमकी है। इससे पहले 8 जनवरी, 6 अप्रैल, 12 अगस्त और 26 अगस्त को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। बार-बार मिल रही इन धमकियों से वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और आगंतुकों को परेशानी हो रही है, क्योंकि इनसे अदालत का कामकाज बाधित होता है।

