N1Live National 10 लाख नौकरियों का वादा करने वाली हेमंत सरकार 10 हजार नियुक्तियों को बता रही उपलब्धिः आदित्य साहू
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10 लाख नौकरियों का वादा करने वाली हेमंत सरकार 10 हजार नियुक्तियों को बता रही उपलब्धिः आदित्य साहू

The Hemant government, which promised 10 lakh jobs, is calling 10,000 appointments an achievement: Aditya Sahu

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार महज विज्ञापनों और बड़े आयोजनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने में लगी है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।

साहू ने आरोप लगाया कि सरकार जिन लगभग दस हजार नियुक्तियों का जिक्र कर रही है, उनमें अधिकतर रिक्तियां पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय निकाली गई थीं। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने इन नियुक्तियों को वर्षों तक कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाए रखा और अब इन्हें अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “महागठबंधन की सरकार योजनाओं को लटकाने, भटकाने और अटकाने में ही ज्यादा विश्वास रखती है। जनता के कल्याण से इसका कोई लेना-देना नहीं है।”

भाजपा नेता ने कहा कि जो सरकार चुनाव से पहले 10 लाख नौकरियों का वादा कर सत्ता में आई, वह अब 10 हजार से भी कम नियुक्ति पत्र वितरण को उपलब्धि के रूप में मना रही है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता संभालने के बाद राज्य सरकार ने दो लाख से अधिक सरकारी पद समाप्त कर दिए। साहू ने कहा कि आज सरकार को नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि पद समाप्ति पत्र बांटना चाहिए था।

उन्होंने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवा हताश और निराश हैं। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताएं हुईं, लेकिन सरकार इस पर ठोस कार्रवाई और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते की चर्चा तक सरकार नहीं कर रही, जबकि यह उनकी चुनावी घोषणा का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

साहू ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित परीक्षा कैलेंडर का कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह बेरोजगार युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को ठोस नीति, स्पष्ट रोडमैप और समयबद्ध नियुक्तियों की उम्मीद है, न कि ऐसे समारोहों और सरकारी विज्ञापनों की। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार प्रचार-प्रसार से बाहर निकलकर रोजगार सृजन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं पर गंभीरता से काम करे, ताकि राज्य के युवाओं का भरोसा बहाल हो सके।

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