पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि हरियाणा के मंत्री गौरव गौतम के खिलाफ चुनाव याचिका पर दिन-प्रतिदिन सुनवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि गौतम ने चुनाव प्रचार के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगकर भ्रष्ट आचरण किया।
जैसे ही चुनाव याचिका न्यायमूर्ति अर्चना पुरी के समक्ष सुनवाई के लिए आई, दलाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन जैन ने दलील दी कि गौतम उच्च न्यायालय के नियमों के खंड 20 (सी) के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना लिखित बयान दाखिल करने में विफल रहे हैं।
प्रावधान के अनुसार, प्रतिवादी को सुनवाई से कम से कम तीन दिन पहले आरोपों का विस्तृत जवाब प्रस्तुत करना होगा।
जैन ने कहा कि गौतम को नोटिस की तामील 14 दिसंबर, 2024 को पूरी हो गई थी। नियमों के अनुसार, उनका जवाब 6 जनवरी तक देना था। हालांकि, गौतम ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया, जिससे जैन ने तर्क दिया कि मंत्री का बचाव बंद कर दिया जाना चाहिए।
प्रस्तुतियों पर गौर करते हुए न्यायमूर्ति पुरी ने गौतम को एक सप्ताह के भीतर अपना लिखित बयान दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 28 मार्च को तय की गई है, जब कार्यवाही दिन-प्रतिदिन के आधार पर जारी रहेगी।
दलाल की याचिका में आरोप लगाया गया है कि गौतम ने चुनावी समर्थन हासिल करने के इरादे से अपने चुनाव अभियान को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करके वोट मांगे।
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