मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने आज कहा कि राज्य सरकार ने तीन वर्षों में 99,799 सामाजिक सुरक्षा पेंशन मामलों को मंजूरी दी है, जो कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी सेवाओं को मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आज यहां सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत लंबित धनराशि को पांगी, लाहौल-स्पीति, डोडरा क्वार और कुपवी सहित आदिवासी क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों को शीघ्रता से जारी करें।
सुखु ने बताया कि सरकार वर्तमान में राज्य भर में 8.41 लाख पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रही है। इनमें से 1,04,740 लाभार्थी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, जबकि 5,04,253 लाभार्थी वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत आते हैं।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन के तहत 25,414 महिलाएं, विधवा, निराश्रित और एकल महिला पेंशन के तहत 1,26,808 महिलाएं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन के तहत 1,340 महिलाएं और विकलांगता राहत भत्ता प्राप्त करने वाले 78,291 लाभार्थी लाभ उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्षवार विवरण देते हुए बताया कि 2023-24 में 41,799 पेंशन मामलों को मंजूरी दी गई, इसके बाद 2024-25 में 41,012 मामले और 2025-26 में 16,988 मामले स्वीकृत किए गए।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 0 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के 20,735 लाभार्थियों और 18 से 27 वर्ष की आयु वर्ग के 853 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उनकी श्रेणी के अनुसार क्रमशः 1,000 रुपये, 2,500 रुपये और 4,000 रुपये की मासिक सहायता प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री ने विभाग को नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सॉफ्टवेयर अपनाने का निर्देश दिया ताकि नए लाभार्थियों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जा सके और पेंशन तथा वित्तीय सहायता का शीघ्र वितरण किया जा सके।


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