हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) के अध्यक्ष विनय कुमार ने गुरुवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के कामकाज और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार दो अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए फैसले ले रहे हैं। तीन सदस्यीय चुनाव समिति के कामकाज पर मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए विनय कुमार ने कहा कि आयोग में कथित मतभेद संविधान और लोकतंत्र की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के कारण लगभग 13 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं। उन्होंने मतदाता सूचियों के संशोधन, नए मतदाताओं के पंजीकरण, प्रपत्र 6 में परिवर्तन और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण के संबंध में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई कथित आपत्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि चार महीने तक चुनाव आयोग की कोई बैठक क्यों नहीं हुई और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित चिंताओं को किस तरह से निपटाया गया।
एचपीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके कामकाज पर बार-बार सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग का कामकाज संदेह के घेरे में है।

