शिमला के उपायुक्त (डीसी) अनुपम कश्यप ने आज जिले के सभी उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों (एसडीएम) को निर्देश दिया कि वे 29 मार्च को अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा राहत पैकेज के लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण करें। इसके बाद एसडीएम को अपने निरीक्षण के निष्कर्षों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
डीसी ने 2023 और 2025 के आपदा राहत पैकेज की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि एसडीएम उन घरों का निरीक्षण तभी करेंगे जो आपदा राहत पैकेज के तहत उन लोगों के घरों के बाद बनाए गए हैं जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने उन्हें अपने कार्यालय में तस्वीरें और विवरण जमा करने का निर्देश भी दिया, जिसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कश्यप ने कहा कि राहत पैकेज के तहत सभी प्रभावित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, लेकिन कई घरों का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है।
उन्होंने कहा कि पटवारियों को राहत सामग्री प्राप्त करने वाले प्रभावित व्यक्तियों के घरों का निरीक्षण करते हुए अपनी फील्ड बुक रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। उन्होंने आगे कहा, “यदि पटवारी रिपोर्ट तैयार करने में विफल रहते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त, काम शुरू होने से पहले साइट की तस्वीरें और काम के दौरान ली गई तस्वीरें राजस्व कार्यालय के साथ साझा की जानी चाहिए। ऐसे मामले जिनमें मकानों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त दिखाया गया है, जबकि वास्तव में वे केवल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।”
डीसी ने बताया कि जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक 10 अप्रैल को होगी। डीसी ने आगे बताया कि आपदा राहत पैकेज, 2023 के तहत कुल 405 लाभार्थी ऐसे थे जिनके घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिनमें चोपाल में 83, थियोग में 26, कुमारसैन में 48, जुब्बल में 37, रामपुर में 120, कोटखाई में 55, रोहरू में 22, कुपवी में 11, शिमला (ग्रामीण) में आठ और डोडरा क्वार में तीन घर शामिल हैं। इनमें से 366 लाभार्थियों को पहली किस्त, 254 को दूसरी और 175 को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 2,149 लाभार्थियों को धनराशि जारी की गई है।


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