हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), पानीपत के एस्टेट ऑफिसर को सेक्टर 11 में एक प्लॉट के आवंटन और हस्तांतरण में धोखाधड़ी के आरोपों की जांच करने और 22 अक्टूबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने 9 अक्टूबर को आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर द्वारा दायर अपील पर सुनवाई के दौरान जारी किया, जिन्होंने पिछले साल 17 जुलाई को एचएसवीपी एस्टेट कार्यालय से प्लॉट के बारे में जानकारी मांगी थी।
लोक सूचना अधिकारी और संपदा अधिकारी ने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया कि यह किसी तीसरे पक्ष से संबंधित है। इसके बाद कपूर ने राज्य सूचना आयोग से संपर्क किया। सुनवाई के दौरान, कपूर ने आरोप लगाया कि भूखंड के आवंटन में अनियमितताएं हुई थीं और एस्टेट ऑफिसर जानबूझकर उन्हें छिपाने के लिए जानकारी रोक रहा था।
उन्होंने यह जानकारी मांगी कि क्या 1997 में उस भूखंड का पंजीकरण किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा किया गया था और क्या उस व्यक्ति की पहचान विधिवत स्थापित और सत्यापित की गई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उस वर्ष का हस्तांतरण एचएसवीपी (तत्कालीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचयूडीए)) के नियमों के अनुरूप था।
कपूर ने यह स्पष्टीकरण भी मांगा कि 2012 में भवन निर्माण योजना अनुमोदन पत्र और भवन अधिभोग प्रमाण पत्र (ओसी) एक अधिकृत व्यक्ति के नाम पर कैसे जारी किए गए, जबकि उनके अनुसार उस समय तक भूखंड का हस्तांतरण एचएसवीपी के रिकॉर्ड में नहीं हुआ था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या संबंधित आवेदनों पर हस्ताक्षर अधिकृत व्यक्तियों के ही थे।
आयोग ने एस्टेट ऑफिसर को आरोपों की विस्तृत जांच करने और 22 अक्टूबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

