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कर्नाटक सरकार ने 2012 के सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामले की दोबारा जांच के लिए बनाई एसआईटी

कर्नाटक सरकार ने 2012 में बेल्थंगडी पुलिस स्टेशन में दर्ज सौजन्या रेप और हत्या मामले की नए सिरे से जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एसआईटी का गठन किया गया है। आईपीएस अधिकारी एन. शशिकुमार को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। टीम में सीके सुधीर कुमार रेड्डी, निखिला जेम्स, लोकेश जगलासर और वेंकटेश प्रसन्ना को भी शामिल किया गया है।

सरकारी आदेश के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी। एसआईटी को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर संबंधित अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। सौजन्या मामला अक्टूबर 2012 का है। उस समय 17 वर्षीय सौजन्या उजिरे के एसडीएम कॉलेज में सेकंड ईयर प्री-यूनिवर्सिटी की छात्रा थीं। वह मंगलुरु जिले के बेल्थंगडी तालुक में कॉलेज से घर लौटते समय लापता हो गई थीं।

सौजन्या के परिवार ने 9 अक्टूबर 2012 को बेल्थंगडी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अगले दिन मन्नासांका के पास झाड़ियों में उनका शव मिला। इसके बाद मामले में रेप और हत्या की धाराएं जोड़ी गईं। शुरुआत में बेल्थंगडी पुलिस ने मामले की जांच की। बाद में जांच कर्नाटक सीआईडी और फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई।

पुलिस ने संतोष राव को मामले का एकमात्र आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ मुकदमा चलाया।

हालांकि, जून 2023 में सीबीआई की विशेष अदालत ने संतोष राव को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूतों के साथ आरोप साबित नहीं कर पाया। बाद में सीबीआई ने इस फैसले को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी। 21 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की नए सिरे से पूरी जांच करने का आदेश दिया।

जस्टिस संजय कुमार और संजीव सचदेवा की पीठ ने कर्नाटक सरकार को एसआईटी बनाने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले इस मामले की जांच में शामिल रहे किसी भी अधिकारी को नई एसआईटी में शामिल नहीं किया जाए।

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