मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल करने, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही मजबूत करने को लेकर ज्ञानवापी मामले से जुड़े हिंदू पक्ष के वकील और याचिकाकर्ताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। ज्ञानवापी प्रकरण में हिंदू पक्ष के वकील डॉ. सोहन लाल आर्य और याचिकाकर्ता लक्ष्मी देवी ने इस पहल को वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के वकील डॉ. सोहन लाल आर्य ने इस कदम को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का मूल उद्देश्य इस्लामिक कानून के तहत धार्मिक संपत्तियों जैसे कब्रिस्तान, मदरसों और अन्य वक्फ संपत्तियों का ईमानदारी से रखरखाव और प्रबंधन करना है। यदि इन संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शी तरीके से किया जाए तो उसका लाभ सीधे मुस्लिम समाज को मिलेगा। देशभर में वक्फ बोर्ड के अधीन बड़ी मात्रा में भूमि होने के बावजूद उसके प्रबंधन को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। यदि मध्य प्रदेश सरकार वक्फ बोर्ड में मुस्लिम सदस्यों के साथ हिंदू सदस्यों को भी शामिल करती है तो इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा संपत्तियों के उपयोग को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों में कमी आ सकती है।
उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग इस्लामिक कानून और निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप होना चाहिए। बेहतर निगरानी और जवाबदेही से वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा और इससे मुस्लिम समुदाय के हितों की भी रक्षा होगी। डॉ. सोहन लाल आर्य ने यह भी कहा कि शिक्षा और जागरूकता किसी भी समाज के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि वक्फ संसाधनों का उपयोग शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए प्रभावी ढंग से किया जाए तो मुस्लिम समाज, विशेषकर महिलाओं और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इससे जागरूकता बढ़ेगी, संस्कारित परिवारों का निर्माण होगा और अंततः समाज तथा देश के विकास में सकारात्मक योगदान मिलेगा।
नहीं, ज्ञानवापी मामले की याचिकाकर्ता लक्ष्मी देवी ने कहा कि अब तक वक्फ बोर्ड का दुरुपयोग होता रहा है और नए कानून तथा प्रबंधन व्यवस्था से इसके सही उपयोग की संभावना बढ़ेगी। यदि वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया जाता है तो निगरानी मजबूत होगी और कथित दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी थी, लेकिन नई व्यवस्था से गरीब और जरूरतमंद, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को अधिक लाभ मिल सकेगा।
लक्ष्मी देवी ने आगे कहा कि उनके अनुसार इस बदलाव से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता मिलेगी और शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि गरीब परिवारों की महिलाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा और वे शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगी।

