लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग लगने से सीतापुर के आदित्य श्रीवास्तव की भी मौत हो गई थी। आदित्य श्रीवास्तव की मां कल्पना श्रीवास्तव ने आग लगने की घटना के लिए लखनऊ प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और जवाबदेही तय करने, एक करोड़ का मुआवजा और प्रभावित परिवारों के लिए नौकरी की मांग की।
कल्पना श्रीवास्तव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “सरकार से मेरी मांग है कि जिनकी वजह से 15 बच्चों की मौत हुई, उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। सरकार ने 5-5 लाख रुपये मृतकों के परिजनों को दिए हैं, जो काफी कम है। सरकार प्रत्येक परिवार को एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी दे।
उन्होंने कहा, “हादसे के लिए सिस्टम जिम्मेदार है और सभी जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाना चाहिए। उन्हें 14 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया है लेकिन उन्हें उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए। उनके घर गिरा दिए जाने चाहिए, तभी मुझे कुछ शांति मिलेगी। मेरा बेटा फिर कभी वापस नहीं आएगा। प्रशासन ने सही समय पर बचाव अभियान शुरू नहीं किया। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचने के बाद भी लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से 15 बच्चों की असमय मौत हो गई।
सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को लेकर कल्पना श्रीवास्तव ने बताया, “हमने मुख्यमंत्री योगी से कहा कि सर, जिस तरह आज आपके दौरे की वजह से ये सारे इंतजाम किए गए हैं, लोगों को हटाया गया, सड़कें साफ की गईं और सब कुछ तुरंत किया जा रहा है क्योंकि ‘सर आ रहे हैं, मुख्यमंत्री आ रहे हैं।’ अगर हादसे वाले दिन भी ऐसी ही तैयारी और मैनेजमेंट होता, तो उन 15 बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।”
कल्पना श्रीवास्तव ने कहा, “अगर आग में किसी बड़े घर के बच्चे फंसे होते तो उन्हें तुरंत बुलडोजर से बिल्डिंग गिराकर बचाया जाता। सामान्य नागरिकों के बच्चे थे, इसलिए शासन-प्रशासन ने लापरवाही बरती और इतना बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे के लिए सरकार और शासन-प्रशासन ही जिम्मेदार हैं। हादसे के बाद सरकार के प्रतिनिधि सिर्फ सांत्वना देने पहुंचते हैं। जांच के नाम पर लीपापोती न की जाए बल्कि कड़ी कार्रवाई की जाए।”

