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आशा ताई के निधन से शोक में डूबा देश, विवेक ओबेरॉय बोले- उनमें मां सरस्वती का वास था

The nation mourns the death of Asha Tai; Vivek Oberoi says, "Mother Saraswati resided in her."

14 अप्रैल । भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रही। रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

भारतीय अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने आशा ताई के निधन पर शोक व्यक्त किए। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि यह सिर्फ संगीत जगत की हानि है। यह हर संगीत प्रेमी और पूरी दुनिया के लिए बड़ा नुकसान है। भारत के हर दिल को गहरा दुख पहुंचा है। हम उन्हें प्यार से आशा ताई कह कर पुकारते थे। उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते थे क्योंकि हमें लगता था कि उनमें मां सरस्वती का वास है। अभी हाल ही में जब वे दुबई आई थी, तो उनके 98वें जन्मदिन पर बड़ा शो हुआ था। पूरा स्टेडियम भर गया था। उस समय मैंने अपने बच्चों से कहा था कि आशा ताई के पैर छुओ, उनमें मां सरस्वती का वास है।”

गायक अनूप जलोटा ने दुख जाहिर करते हुए कहा, “पार्श्व गायन का एक मजबूत स्तंभ चला गया। लता मंगेशकर कुछ समय पहले ही हमसे विदा हो गई थीं। अब उसी युग की दूसरी महान हस्ती भी नहीं रहीं। पार्श्व गायन का सुनहरा दौर खत्म हो गया। आने वाली पीढ़ी को अब इन्हीं के गाने सुनकर रियाज करना पड़ेगा। ये सिर्फ गायिका नहीं, बल्कि एक पूरा संस्थान थीं। उनके गाने सुनकर ही सीखना होगा। ओम शांति।”

संगीतकार ललित पंडित ने कहा, “हमें उनके जीवन और उनके संगीत का उत्सव मनाना चाहिए। वे अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गई हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी सीख ले सकती है। यह सच है कि वे आखिरी महान हस्तियों में से एक थीं, और अब वे हमारे बीच नहीं रहीं। लेकिन वे जहाँ भी हैं, वे हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। मेरी बहुत सी फिल्मों में दीदी ने गाना गाया है। खुशी बात ये है कि उनके साथ बैठने और काम करने का मौका मिला।”

अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने कहा, “मेरे लिए, वह एक मां जैसी थीं, और मुझे लगता है कि वह उन आखिरी महान हस्तियों में से एक थीं जिन्हें हमने आज खो दिया। वह सचमुच एक दिग्गज गायिका थीं, और मुझे नहीं लगता कि कभी कोई दूसरी आशा भोसले होगी। वह कई लोगों के लिए प्रेरणा रही हैं, लेकिन वह सचमुच अपने आप में अद्वितीय थीं।”

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