सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने नूरपुर स्थित बचत भवन में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अंतर-पीढ़ीगत संबंध कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और 18 से 30 वर्ष की आयु के लोगों के बीच बेहतर समझ को बढ़ावा देना था।
नूरपुर के एसडीएम अरुण शर्मा, जिन्होंने कार्यशाला की अध्यक्षता की, ने विभिन्न पीढ़ियों के लोगों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच बढ़ती खाई एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि पीढ़ीगत अंतर के कारण नई पीढ़ी भी बुजुर्गों को दिए जाने वाले अपने पारंपरिक समर्थन को कम कर रही है।
शर्मा ने कहा कि बड़ों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर एक मजबूत समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने युवाओं में मोबाइल फोन की लत के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डाला, जो उनके सामाजिक संबंधों को प्रभावित कर रहा है, और साथ ही नशे की लत के बढ़ते मामलों को भी उजागर किया। उन्होंने इसे एक गंभीर सामाजिक चुनौती बताया और युवाओं से इन बुरी आदतों से दूर रहने और बड़ों के साथ समय बिताने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य विभाग की डॉ. मौलश्री ने वरिष्ठ नागरिकों के सामान्य स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। तहसील कल्याण अधिकारी अक्षय कुमार ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में बढ़ती पीढ़ीगत खाई को पाटना है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगा ताकि बुजुर्गों को सम्मान का अनुभव हो और युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके।
स्थानीय संस्थान फैक्ट कंप्यूटर सेंटर के प्रशिक्षुओं और स्थानीय बुजुर्गों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवा प्रशिक्षुओं ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने कार्यशाला में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया।


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