विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव का आयोजन आसपास के स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को शामिल करने पर विशेष ध्यान देने के साथ किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी इस क्षेत्र की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं को समझ सके और उनकी सराहना कर सके।
आज राखीगढ़ी में सात दिवसीय महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने में योगदान देगा। विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए अग्रवाल ने कहा कि राखीगढ़ी को देश के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में से एक के रूप में स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। राखीगढ़ी महोत्सव अब अपने तीसरे संस्करण में प्रवेश कर चुका है।
अग्रवाल ने बताया कि राखीगढ़ी में एक खुला संग्रहालय और एक स्थल संग्रहालय विकसित करने के प्रस्ताव हैं। उन्होंने कहा कि स्थल संग्रहालय का ढांचागत कार्य पूरा हो चुका है और विभाग का लक्ष्य महोत्सव के अगले संस्करण से पहले इसे चालू करना है। उन्होंने आगे कहा कि राखीगढ़ी के बारे में अधिक जागरूकता और प्रचार से भारत और विदेशों से पर्यटक आकर्षित होंगे, जिससे हड़प्पा-सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित होगा और साथ ही स्थानीय समुदायों के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इस महोत्सव को हांसी जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए अग्रवाल ने कहा कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगा। विधायक विनोद भयाना, राम कुमार गौतम, सावित्री जिंदल और रणधीर पनिहार; निदेशक, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, अमित खत्री; उपायुक्त राहुल नरवाल; और पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु इस अवसर पर उपस्थित थे।

