कांगड़ा पुलिस ने मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम (पीआईटी-एनडीपीएस) अधिनियम, 1988 के कड़े प्रावधानों के तहत एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को तीन महीने के लिए निवारक हिरासत में रखा है। आरोपियों की पहचान सागर शर्मा (34) और उनकी पत्नी ज्योति (38) के रूप में हुई है, जो कांगड़ा जिले के पालमपुर उपमंडल के पदैर गांव के निवासी हैं। कांगड़ा एसपी अशोक रतन ने बताया कि यह दंपति मादक पदार्थों, विशेषकर हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी से जुड़े मामलों में बार-बार शामिल रहा है।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, दंपति के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21, 25 और 29 के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। सागर के खिलाफ 2023 से अब तक अलग-अलग मात्रा में हेरोइन रखने के चार मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से तीन मामले पालमपुर पुलिस स्टेशन में और एक शाहपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
उनकी पत्नी ज्योति के खिलाफ भी 2021 से एनडीपीएस अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज किए गए थे। उनके खिलाफ पालमपुर पुलिस स्टेशन में तीन मामले और शाहपुर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने क्षेत्र में उनके बार-बार मादक पदार्थों की तस्करी करने का गंभीर संज्ञान लिया और उनके खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3(1) लागू करते हुए उन्हें धर्मशाला जिला जेल में तीन महीने के लिए निवारक हिरासत में रखने का निर्देश दिया।
पालमपुर की एक पुलिस टीम ने मंगलवार को हिरासत के आदेशों का पालन करते हुए दंपति को हिरासत में ले लिया और उन्हें जिला जेल में डाल दिया। एसपी ने बताया कि दंपति को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन वे अपनी अवैध गतिविधियों को जारी रखे हुए थे। उन्होंने आगे कहा कि कांगड़ा पुलिस की मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त नीति है और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

