पुलिस ने दावा किया है कि पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने गंगाराम कॉलोनी में ई-रिक्शा चालक की हत्या का मामला घटना के 12 घंटे के भीतर ही सुलझा लिया है।
सोमवार को गंगाराम कॉलोनी के निवासी पीड़ित सूरज की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने विराट नगर में नहर के पास से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान अजीत, मुकेश, सूरज, राजा उर्फ काला और देवी नगर के राजकुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन के एसएचओ, एसआई विनोद ने बताया कि अजीत ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह गंगाराम कॉलोनी में एक किराए की दुकान से अपना कार्यालय चलाता था, जहां मृतक सूरज भी समय बिताया करता था।
अजीत ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने 50,000 रुपये दफ्तर में रखे थे, जो सूरज ने ले लिए थे। पैसे लौटाने के लिए कहने के बावजूद, उसने ऐसा नहीं किया।
पुलिस के अनुसार, 29 जून की रात को अजीत ने अपने साथियों मुकेश, प्रिंस, सूरज, राजा और अन्य के साथ मिलकर पीड़ित को दफ्तर बुलाया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। उन्होंने उसके हाथ एक कपड़े से बांध दिए और उसके मुंह में पानी डाल दिया। जब सूरज बेहोश हो गया, तो उन्होंने कथित तौर पर दफ्तर को ताला लगाकर भाग गए।
सभी पांचों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। एसएचओ ने बताया कि अदालत ने अजीत, प्रिंस और राजा उर्फ काला को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि मुकेश और सूरज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ई-रिक्शा चालक सूरज मंगलवार सुबह गंगाराम कॉलोनी स्थित अपने कार्यालय में मृत पाया गया। पुलिस ने ताला तोड़कर शव बरामद किया। पोस्टमार्टम के बाद शव मृतक के परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी मधु की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

