जिला पुलिस ने सोमवार (आज) को उन सभी पांच किसानों को रिहा कर दिया, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के 18 जनवरी को मजीठा दौरे से पहले शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को हिरासत में लिया गया था। किसान मजदूर संघर्ष समिति (केएमएससी) के जिला अध्यक्ष सतनाम सिंह मनोचाहल ने आज यहां बताया कि केएमएससी के नेता जरनैल सिंह नूरदी, निरंजन सिंह बगराडी, दिलबाग सिंह पाहुनविंड, रणधीर सिंह और कंबो धैवाला के नछत्तर सिंह को मुख्यमंत्री के मजीठा दौरे से पहले गिरफ्तार कर लिया गया।
सतनाम सिंह मनोचाहल ने आज यहां बताया कि संगठन 18 जनवरी को मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसानों की मांगों को लेकर उनसे सवाल करने वाला था, खासकर शंभू-खानाउरी सीमा पर किसानों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में। लेकिन सरकार ने 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को विभिन्न जिलों से सैकड़ों किसान नेताओं को गिरफ्तार कर पुलिस थानों में हिरासत में ले लिया। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस की छापेमारी की सूचना मिलते ही अधिकांश किसान नेता भूमिगत हो गए, लेकिन वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना चाहते थे। उन्होंने कहा कि संगठन शंभू-खानाउरी सीमा से चोरी हुए ट्रैक्टरों के मुआवजे की भी मांग कर रहा है।
तरन तारन से रिहा किए गए पांच किसानों – जरनैल सिंह नूरदी, निरंजन सिंह बगराड़ी, दिलबाग सिंह पाहुनविंड, रणधीर सिंह और नछत्तर सिंह कंबो धैवाला – का आज रिहाई पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि राजनीतिक नेताओं से केवल शंभू और खानौरी सीमा पर किसानों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में ही पूछा जा रहा है। केएमएससी शंभू-खानौरी सीमा से चोरी हुई अपनी मशीनरी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मुआवजे की भी मांग कर रही है।


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