25 मार्च । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के बीच गठबंधन पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रयोग का फैसला जनता खुद करती है।
असदुद्दीन ओवैसी और दिलीप घोष बुधवार को गठबंधन की रूपरेखा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इससे पहले भाजपा नेता दिलीप घोष ने बुधवार को न्यू टाउन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “जनता किसे पसंद करेगी या नहीं करेगी, वह खुद तय करेगी।”
उन्होंने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी पश्चिम बंगाल में बहुत दिनों से कोशिश कर रहे हैं कि कुछ सफलता मिले। इससे पहले, सीपीएम की भी गठबंधन को लेकर बात हुई थी। वह गठबंधन नहीं हुआ। वह अब प्रयास कर रहे हैं कि हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन होना चाहिए। अगर कोई प्रयोग करता है तो जनता उसका फैसला खुद करेगी।”
जब पूछा गया कि क्या गठबंधन सफल होगा? इस पर दिलीप घोष ने कहा, “पार्टी (एआईएमआईएम) को जमीन पर उतरने दीजिए। उसने कभी यहां चुनाव नहीं लड़ा है। वैसे बहुत सारी पार्टियां सफल रही हैं, लेकिन बंगाल की जनता बहुत जल्दी किसी को स्वीकार नहीं करती है। उन्हें बहुत काम करना होगा और लड़ाई लड़नी होगी। तभी जनता स्वीकार कर सकती है। लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने और पार्टी बनाने का अधिकार है।”
असदुद्दीन ओवैसी के आने से वोट कटने की संभावनाओं पर दिलीप घोष ने कहा, “ओवैसी भाजपा के वोट नहीं काट पाएंगे। जहां कोई भी पार्टी सत्ता में रहती है, वोट कटने के डर उसे होता है। ओवैसी और टीएमसी का टारगेट मुस्लिम मतदाता होते हैं। सारा मुस्लिम वोट अभी ममता बनर्जी के साथ है। अगर ओवैसी के आने से नुकसान हुआ तो वह नुकसान ममता बनर्जी को ही होगा। भाजपा के लिए कोई चिंता की बात नहीं है।”
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच गठबंधन है। दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी अदालत को भी भाजपा का दफ्तर बताती हैं। ये सब पुरानी बातें हो चुकी हैं। ममता बनर्जी अब सिर्फ भवानीपुर को ही संभाल लें, बाकी पश्चिम बंगाल को भाजपा संभाल लेगी।
आईपैक मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर भाजपा नेता ने कहा कि जितनी बार भी ममता बनर्जी कोर्ट में गई हैं, चाहे चुनाव आयोग के खिलाफ हों, एसआईआर के खिलाफ हों या अन्य विषय हों, सब मामले उनके लिए उल्टे पड़े हैं। क्योंकि वे अनैतिक काम करती हैं। जो लोकतंत्र को कमजोर करता है, स्वाभाविक है कि अदालत उसकी निगरानी कर रही है।
इली बीच, राहुल गांधी के केंद्र पर आरोपों को लेकर दिलीप घोष ने कहा, “उन्हें केंद्र सरकार के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। वह ताकतवर है। सारी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी का डंका बज रहा है। देश आगे बढ़ रहा है। राहुल गांधी को अपनी पार्टी संभालनी चाहिए।”

