कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने ‘विकसित भारत- जी राम जी’ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनता को जब योजना की खामियों के बारे में पता चलेगा तो वह भाजपा को भगाने का काम करेगी।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रमोद तिवारी ने कहा, “लोगों को अभी पूरी तरह से यह एहसास नहीं है कि जब यह 60-40 का अनुपात लागू होगा, तो यह योजना असल में बंद हो जाएगी। लोगों को पता नहीं है कि गारंटी हटा दी गई है। उन्हें ठीक से समझ नहीं आ रहा है कि ‘मनरेगा’ में जो नया बदलाव किया गया है, उसमें इस सरकार ने सिर्फ गांधी का नाम ही नहीं हटाया है, बल्कि फैसले पहले स्थानीय स्तर पर जरूरत के हिसाब से लिए जाते थे और उसी हिसाब से लागू होते थे, अब वे ऊपर से तय किए जाएंगे कि उन्हें कहां लागू किया जाएगा। तो जब जनता को यह पता चलेगा, तो वे भारतीय जनता पार्टी को भगाने का काम करेगी।”
कांग्रेस सांसद ने दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई पथराव की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह एक प्रशासनिक नाकामी थी। अगर हाईकोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ करनी थी, तो पहले आसपास के लोगों से बात करनी चाहिए थी और उन्हें भरोसा दिलाना चाहिए था कि मस्जिद को नहीं छुआ जाएगा, बल्कि सिर्फ मस्जिद परिसर के अंदर बनी इमारतों को तोड़ा जाएगा। जनता को जानकारी देने में कोई नुकसान नहीं था।”
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए थी तो वह दिन के उजाले में क्यों नहीं की गई? इसे रात में क्यों शुरू किया गया? कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने खुद ऐसा माहौल बनाया जिससे पूरी तरह गलतफहमी फैली। मैं इसे दिल्ली प्रशासन की एक ऐतिहासिक गलती मानता हूं।
भारत की जीडीपी ग्रोथ पर भी कांग्रेस सांसद ने सवाल खड़े किए। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ बताया।
प्रमोद तिवारी ने कहा, “ऐसा (जीडीपी ग्रोथ) आमतौर पर साल की शुरुआत और आखिर में होता है। बातों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर आपकी अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो आपने ‘मनरेगा’ में 90-10 का रेशियो घटाकर 60 क्यों कर दिया? क्या वजह है कि महंगाई बढ़ रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है, और छोटे व मंझोले उद्योग बंद हो रहे हैं? अगर तस्वीर इतनी अच्छी है, तो सच्चाई इतनी खराब कैसे हो सकती है? सच्चाई यह है कि भारत की इकॉनमी डेड हो चुकी है।”
आने वाले बजट सत्र पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “जब बजट पेश होगा, तो उसमें राष्ट्रपति का भाषण भी शामिल होगा। बजट में जनता से जो भी वादे किए जाते हैं, वे कभी पूरे नहीं होते। चाहे रविवार को बजट पेश करें या सोमवार को, लेकिन जनता से किए गए वादे पूरे होने चाहिए।”

