शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने रविवार को प्रस्तावित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत करते हुए राज्यों को अपनी भर्तियों और संस्थानों के लिए परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार देने की मांग की।
एसएडी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा जरूरी है, लेकिन केवल सजा से सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता की गारंटी नहीं दी जा सकती।
चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के एकसमान मानक बनाने चाहिए और साथ ही राज्यों को अपनी भर्तियों और संस्थानों के लिए परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार देना चाहिए। उन्होंने कहा, “विकेंद्रीकरण, मजबूत राष्ट्रीय मानक प्रक्रियाओं के साथ मिलकर, व्यवस्थागत जोखिमों को कम करेगा, जवाबदेही बढ़ाएगा, जनता का विश्वास मजबूत करेगा और लाखों ईमानदार छात्रों की आकांक्षाओं की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।”
चीमा ने इस बात की भी वकालत की कि कानून को निवारक उपायों पर समान जोर देना चाहिए – मजबूत मानक परिचालन प्रक्रियाएं, सुरक्षित प्रौद्योगिकी, संपूर्ण जवाबदेही, नियमित सुरक्षा ऑडिट और त्रुटिरहित जांच प्रोटोकॉल ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डेटा लीक होने की संभावना ही न हो।

