मंगलवार को मंडी जिले के त्रिफलघाट स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों को सरकाघाट के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राजेंदर कुमार गौतम ने मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया।
यह दौरा ‘अपना विद्यालया – हिमाचल प्रदेश स्कूल दत्तक ग्रहण कार्यक्रम’ के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें एसडीएम ने स्कूल के शैक्षणिक प्रदर्शन और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की।
गौतम ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राज्य सरकार के चल रहे अभियान पर प्रकाश डाला और मादक पदार्थों की लत को आज समाज के सामने आने वाली सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना माता-पिता, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।
विभिन्न सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में 15-20 आयु वर्ग के लगभग 16 लाख युवा मादक पदार्थों की लत से प्रभावित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि और अध्ययन संबंधी तनाव कभी-कभी छात्रों को हानिकारक आदतों की ओर धकेल सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के जीवन में सक्रिय रूप से शामिल रहें, उनसे खुलकर संवाद बनाए रखें, उनकी गतिविधियों पर नज़र रखें और उन्हें सहायक एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करें। बाद में, गौतम ने खुदला स्थित सरकारी मिडिल स्कूल का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, छात्रों की उपस्थिति, स्कूल के बुनियादी ढांचे, खेल के मैदान और स्वच्छता की समीक्षा की।

