6,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को 5 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने के लिए तलब किया है। एसआईटी ने ड्रग रैकेट के आरोपी जगदीश भोला को भी उसी दिन तलब किया है। दोनों को एक साथ तलब किए जाने से यह संभावना बढ़ गई है कि उनसे पहली बार आमने-सामने पूछताछ की जा सकती है।
यह समन ऐसे समय में आया है जब मजीठिया आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के आधिकारिक आवासों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठा रहे हैं। मजीठिया का नाम सबसे पहले 2013-14 के भोला ड्रग रैकेट में सामने आया था। पंजाब पुलिस ने नवंबर 2013 में पूर्व पहलवान भोला को गिरफ्तार किया था और उसके घर से 20 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की थी।
प्रवर्तन निदेशालय ने बाद में मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स रैकेट का अनुमानित मूल्य 6,000 करोड़ रुपये बताया। भोला ने 2014 में मजीठिया का नाम लिया था। पंजाब पुलिस ने दिसंबर 2021 में मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों अधिनियम के तहत मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज किया, जो कि मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष कार्य बल की 2018 की रिपोर्ट पर आधारित था, जिसमें आगे की जांच की सिफारिश की गई थी।
मजीठिया ने किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उनके खिलाफ इस मामले में 2025 में 40,000 पन्नों की आरोपपत्र दायर की गई थी।

