N1Live Uttar Pradesh वक्फ बिल का विरोध करने वाले मुसलमानों की तरक्की के खिलाफ: दानिश आजाद अंसारी
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वक्फ बिल का विरोध करने वाले मुसलमानों की तरक्की के खिलाफ: दानिश आजाद अंसारी

Those opposing the Wakf Bill are against the progress of Muslims: Danish Azad Ansari

लखनऊ, 4 अप्रैल । लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गुरुवार को कहा कि मुसलमानों ने वक्फ संशोधन बिल का स्वागत किया है। इस बिल से मुस्लिम समाज का विकास होगा।

दानिश आजाद अंसारी ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कुछ लोग मुसलमानों के विकास और बिल के खिलाफ खड़े थे। वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जा कर बैठे थे। जिन जमीनों का उपयोग गरीब मुसलमानों के लिए होना चाहिए था, उन जमीनों का दुरुपयोग किया गया। लेकिन, इस बिल के आने से वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए, इस मूल सिद्धांत को मजबूत किया जाएगा। इस संशोधन में बढ़ती भागीदारी के साथ, हम निश्चित रूप से समाज की बेहतरी के लिए अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे। इन सभी सकारात्मक पहलुओं को देखते हुए, हम इस बिल का तहे दिल से स्वागत करते हैं।

वक्फ संशोधन बिल के विरोध पर दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि ये लोग अपनी राजनीतिक लाभ के लिए इस हद तक अपनी आंखें बंद कर ली हैं कि वे मुसलमानों का विकास बर्दाश्त नहीं कर सकते। आम, गरीब और हाशिए पर पड़े मुसलमानों की तरक्की उन्हें अच्छी नहीं लगती। मैं सभी विपक्षी दलों से यह कहना चाहता हूं कि वे बताएं कि वक्फ संपत्तियां, जिनकी कीमत 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और जिनसे सालाना 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आना चाहिए, उनसे केवल 150 करोड़ रुपये ही क्यों आते हैं?

उन्होंने आगे कहा, “1,100 करोड़ रुपये का राजस्व जो नहीं आ रहा है, वह कहां गायब हो रहा है? यह किसकी जेब में जा रहा है? अगर पारदर्शी तरीके से सालाना राजस्व 1,100 करोड़ रुपये वक्फ के पास आता, तो हमारे मुसलमानों को काफी फायदा होता। हम इन पैसों से 800 से अधिक कॉलेज खोल सकते थे। 300 से अधिक अस्पतालों का निर्माण करा सकते थे।”

दानिश आजाद अंसारी ने राज्य में वक्फ संपत्तियों की एक विस्तृत सूची जारी की है। इस सूची में उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की कुल संख्या, उनकी सीमा और स्वामित्व रिकॉर्ड पर प्रकाश डाला गया है।

उन्होंने एक जिले का उदाहरण देते हुए लोगों से अपील की है कि वे वहां जाएं और जांच करें कि वक्फ की जमीनों पर कितने अस्पताल और स्कूल खोले गए हैं।

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