13 अप्रैल । नोएडा में सोमवार को हजारों कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और काम के समय को लेकर कंपनियों द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में किया गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि कंपनियों ने पहले इंक्रीमेंट देने का आश्वासन दिया था। प्रदर्शन के चलते शहर के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। सबसे ज्यादा असर सेक्टर-62 क्षेत्र में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया।
इस कारण सेक्टर-62 से सेक्टर-16 और एनएच -9 की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दफ्तर जाने वाले लोगों, स्कूल बसों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां सिर्फ आश्वासन देती हैं, लेकिन समय आने पर अपने वादों से मुकर जाती हैं।
कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था को सामान्य करने में काफी समय लगा। पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील भी की।
वहीं, नोएडा के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रदर्शन का असर देखने को मिला। सेक्टर-1 सहित कई औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले श्रमिक भी सड़कों पर उतर आए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई समाधान निकलकर सामने आएगा, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश शांत हो सके और शहर की स्थिति सामान्य हो सके।

