अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दिल्ली के जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान के समर्थन में पेंटिंग बनाने के आरोप में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा निवासी सुमित (30) उर्फ रफ्तार, पंजाब के गुरदासपुर निवासी सुमित कुमार (22) उर्फ काका और पंजाब के होशियारपुर निवासी गुरप्रीत (22) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, ये ग्रैफिटी 29 अक्टूबर को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास और 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 के पास अंदर की सीढ़ियों की दीवार पर मिली थी। इन मैसेज में कथित तौर पर बैन संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) और उसके खालिस्तान एजेंडे के लिए सपोर्ट दिखाया गया था।
जांच के दौरान, स्पेशल सेल को कथित तौर पर पता चला कि गुरदासपुर का रहने वाला सुमित कुमार मुख्य भड़काने वाला था और उसने अपने दो साथियों को भर्ती किया था। पुलिस ने कहा कि उसे कथित तौर पर लुधियाना और गुरदासपुर के SFJ और खालिस्तान विचारधारा के समर्थकों ने रेडिकलाइज़ किया था।
जांच करने वालों को शक है कि SFJ से जुड़े एक हैंडलर ने सुमित से WhatsApp के ज़रिए कॉन्टैक्ट किया और उसे इंस्ट्रक्शन पाने के लिए एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लीकेशन इंस्टॉल करने को कहा। ऑर्गनाइज़ेशन के एक मेंबर ने कथित तौर पर उसके साथ ग्रैफ़िटी टेम्प्लेट शेयर किए और मेट्रो की खास जगहों पर यह काम करने के लिए अच्छा-खासा इनाम देने की पेशकश की।
पुलिस के अनुसार, सुमित ने बाद में गुरप्रीत और सुमित को भी शामिल कर लिया, जो दिल्ली जाने के लिए तैयार हो गए। पुलिस ने कहा कि सुमित ने कथित तौर पर जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी बनाई, इस काम का वीडियो रिकॉर्ड किया और अपने हैंडलर्स के साथ शेयर किया। सुमित और गुरप्रीत ने कथित तौर पर 28 और 29 अक्टूबर की रात को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर यह काम किया।
मेट्रो पुलिस स्टेशनों में दो FIR दर्ज होने के बाद स्पेशल सेल ने जांच अपने हाथ में ले ली। टेक्निकल एनालिसिस से इन्वेस्टिगेटर को समालखा में सुमीत का पता लगाने में मदद मिली, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। कहा जाता है कि उससे पूछताछ से दो और आरोपियों की पहचान हुई, जिन्हें बाद में पंजाब में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि सुमित और गुरप्रीत की मुलाकात करीब चार साल पहले हुई थी, जब वह समालखा के एक होटल में काम करती थी। बाद में दोनों साथ रहने लगे। गुरप्रीत ने पहले ज़ीरकपुर के एक सैलून और पंजाब और हरियाणा में हॉस्पिटैलिटी जगहों पर काम किया था।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि सुमित ने 30 अक्टूबर को जीटीके बाईपास के पास एक और ग्रैफिटी बनाई थी, जो समयपुर बादली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस घटना की अलग से जांच की जा रही है। दिल्ली सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2007 की धारा 3 और मेट्रो रेलवे (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम, 2002 की धारा 62(2) के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एक मेट्रो पुलिस स्टेशन आजादपुर में और दूसरी मेट्रो पुलिस स्टेशन एनएसपी में।
पुलिस अब कथित हैंडलर्स और नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने शायद इस एक्टिविटी को कोऑर्डिनेट किया हो और वादा किए गए पेमेंट का इंतज़ाम किया हो।

