जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने रोशन लाल के चचेरे भाई और पत्नी समेत तीन लोगों को सजा सुनाई है। रोशन लाल का शव 2023 में खेतों में दफन पाया गया था। अदालत ने रोशन लाल की हत्या के मामले में राहुल, रवि और रोजी बाला को दोषी ठहराया है।
डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी चंदर मोहन के अनुसार, 5 फरवरी, 2023 को कृष्ण कुमार से गुमशुदगी की शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका बड़ा भाई रोशन लाल एक बैंक्वेट में काम करता था और 4 फरवरी को ड्यूटी के बाद घर नहीं आया। उसका मोबाइल फोन भी बंद था।
यह मामला कुरुक्षेत्र पुलिस की सीआईए-II इकाई को सौंप दिया गया। जांच के दौरान रोशन के चचेरे भाई राहुल को गिरफ्तार किया गया। राहुल ने रोशन की हत्या करने और उसके शव को खेतों में दफनाने की बात कबूल की। बाद में राहुल के बहनोई रवि को हत्या के मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया और रोशन लाल की पत्नी रोजी बाला को भी साजिश में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया। डीडीए ने बताया कि मृतक की पत्नी रोजी और मुख्य आरोपी राहुल के बीच अवैध संबंध हत्या का मुख्य कारण था।
2 अप्रैल को न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि राहुल को आईपीसी की धारा 302, 341 और 201 के तहत दंडनीय अपराध का दोषी पाया गया है। न्यायालय ने राहुल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उस पर 15,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। रवि को आईपीसी की धारा 201 के तहत चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि रोजी बाला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

