सोमवार को हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या करने वाले लेखा अधिकारी बलवंत सिंह की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपियों में हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश शामिल हैं। पंचकुला निवासी और मूल रूप से हरियाणा के झज्जर के रहने वाले बलवंत, 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे थे। वह एचपीजीसीएल में लेखा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
प्रेमलीला द्वारा दायर शिकायत में नामित तीनों आरोपी बलवंत के साथ काम करते थे, जिन्हें सीबीआई जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। दीवान को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
बलवंत के परिवारवाले मंगलवार को सेक्टर 16 स्थित सरकारी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे और अपने बयान दर्ज कराए। उनका अंतिम संस्कार झज्जर में होने की संभावना है। परिवारवालों का दावा है कि उन पर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का अत्यधिक दबाव था।
सोमवार को 44 वर्षीय बलवंत ने सचिवालय भवन की आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सुबह 10:30 बजे भवन में प्रवेश करने के लिए आगंतुक पास प्राप्त किया था। दोपहर में आठवीं मंजिल से कूदने से पहले उन्होंने कुछ अधिकारियों से मुलाकात की थी।

