N1Live National हुगली में ममता बनर्जी की सभा से पहले टीएमसी नेता गिरफ्तार, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
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हुगली में ममता बनर्जी की सभा से पहले टीएमसी नेता गिरफ्तार, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की शनिवार को हुगली जिले में होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले पुलिस ने टीएमसी की एक नेता और हुगली जिला परिषद की पूर्व सदस्य तुंपा मेटे को गिरफ्तार कर लिया।

डानकुनी थाना पुलिस ने तुंपा मेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया। जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तुंपा मेटे तृणमूल कांग्रेस की पूर्व जिला परिषद सदस्य हैं और पश्चिम बंगाल के चर्चित स्कूल भर्ती घोटाले में कथित तौर पर अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची में भी उनका नाम शामिल था।

गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में तुंपा मेटे ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा कि नेता की जनसभा से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की कार्रवाई है और उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं।

जानकारी के मुताबिक, तुंपा मेटे पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा कर स्कूल में नौकरी हासिल की थी। उनका नाम 2016 के एसएससी भर्ती पैनल में भी था, जिसे भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। वह वर्तमान में एक सरकारी स्कूल में गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।

पुलिस शनिवार को उन्हें सेरामपुर की जिला अदालत में पेश करेगी, जहां सरकारी पक्ष उनकी पुलिस हिरासत की मांग करेगा।

इस बीच, ममता बनर्जी शनिवार शाम 4 बजे से 6 बजे तक सेरामपुर कोर्ट मैदान में जनसभा करेंगी। पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने सभा आयोजित करने की अनुमति दी थी। अदालत ने अधिकतम 1,000 लोगों की मौजूदगी के साथ सभा करने की इजाजत दी है।

टीएमसी के हुगली जिला संयोजक और पूर्व विधायक असित मजूमदार ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद सभा की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी हाई कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन करेगी और निर्धारित समय पर सभा शुरू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नेता को देखने के लिए आम लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं तो वह अलग बात होगी।

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