हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमाच और भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश गौर ने यमुनानगर जिले के आदि बद्री स्थित सरस्वती नदी स्थल का दौरा किया। उन्होंने नदी पुनरुद्धार परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदि बद्री भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल सरस्वती नदी के उद्गम स्थल से जुड़ा हुआ है और इसका अत्यधिक धार्मिक महत्व है।
किर्माच ने कहा, “आदि शंकराचार्य ने भी अपने प्रवास के दौरान इस स्थान की पवित्रता को स्वीकार किया और इसे आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना।”
उन्होंने आगे कहा कि देश भर से हजारों श्रद्धालु हर साल आदि बद्री क्षेत्र में भगवान बद्रीनाथ, बाबा केदारनाथ और देवी सरस्वती से जुड़े पवित्र स्थलों पर दर्शन करने आते हैं।
किरमाच ने कहा, “राज्य सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना महज एक विकास पहल नहीं बल्कि भारत की संस्कृति, इतिहास और आस्था को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण मिशन है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करना और साथ ही भावी पीढ़ियों को देश की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत से फिर से जोड़ना है।
क्षेत्र की पर्यटन क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, किरमाच ने कहा कि आदि बद्री क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी।

