अमृतसर (ग्रामीण) पुलिस ने मध्य पूर्व स्थित डीलरों और पाकिस्तान स्थित ऑपरेटरों से जुड़े दो सीमा पार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 10 किलोग्राम हेरोइन के साथ 10 अत्याधुनिक पिस्तौलें जब्त की गई हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने दावा किया कि इस अभियान में ड्रोन के जरिए पंजाब में प्रतिबंधित सामान और हथियार तस्करी करने वाले दो गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। जब्त किए गए हथियारों में पांच ग्लॉक और पांच पीएक्स-5 पिस्तौल शामिल थीं।
आईजी (बॉर्डर रेंज) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में गल्लूवाल गांव का राजनप्रीत और घरिंदा की राजताल कॉलोनी का विजय शामिल हैं। विजय को इससे पहले मार्च 2023 में 475 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद उसने कथित तौर पर अपनी गतिविधियां फिर से शुरू कर दीं और गिरोह में नए सदस्यों की भर्ती करने लगा। विजय खेप इकट्ठा करता था और फिर उसे वितरण के लिए राजनप्रीत को सौंप देता था।
आईजी ने बताया कि एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी कंबोह पुलिस स्टेशन के अंतर्गत महल गांव के निवासी पारसदीप उर्फ बिल्ला की हुई है। उन्होंने बताया कि पारसदीप गैंगस्टर किशन जंडियाला के लिए वितरक के रूप में काम करता था। वह अब एक मध्य पूर्वी देश से अपना काम चला रहा है। ड्रोन से माल गिराए जाने के बाद उसे इकट्ठा करने की जिम्मेदारी पारसदीप की थी।
पारसदीप ने हेरोइन के पैकेट लाने के लिए अटारी के गुरमुख बोधि को काम पर लगाया था। जब्त किए गए नशीले पदार्थों और हथियारों को फिर मोटरसाइकिलों और अलग-अलग वेशों का इस्तेमाल करके ले जाया गया ताकि किसी को पता न चले। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि इस गिरोह ने पहले भी 10-12 खेप सफलतापूर्वक भेजी थीं, जिनकी डिलीवरी तरन तारन और सराय अमानत खान आदि इलाकों में की गई थी।
अपनी शुरुआती बीसियों में, राजन प्रीत राजमिस्त्री का काम करता है, जबकि विजय एक प्लंबर है। पारसदीप दिहाड़ी मजदूर था। आईजी ने कहा कि मॉड्यूल के वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े संबंधों की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और अधिक गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है।

