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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन महफूज रहमानी ने खामेनेई की मौत पर जताया आक्रोश

Umaran Mahfooz Rahmani, Secretary of the Muslim Personal Law Board, expressed outrage over Khamenei's death.

1 मार्च । अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन महफूज रहमानी ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए हमले की निंदा की है।

अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन महफूज रहमानी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ने जिस तरह आक्रामकता दिखाई है और जिस तरह इजरायल लगातार गाजा व फिलिस्तीन पर हमले कर रहा है, यह विश्व शांति के लिए गंभीर प्रश्नचिह्न है।

उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की खुलेआम निंदा होनी चाहिए। दुनिया शांति चाहती है, युद्ध नहीं। सच्ची शांति और सुकून लोगों के अपनी सीमाओं में रहने में निहित है। अमेरिका-इजरायल की मनमानी कार्रवाई और ईरान पर उनका हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत इस्लाम के लिए बड़ा सदमा है। ये बात हमेशा याद रखी जाए कि खामेनेई ने बहादुरी के साथ अपनी जान दी है और ये पैगाम देकर गए है कि किसी के आगे सर नहीं झुकाना चाहिए।

उमरैन महफूज रहमानी ने कहा कि खामेनेई ने अपनी मौत से इस्लाम को बहुत बड़ा पैगाम दिया है। उनकी मौत से दुनियाभर के मुसलमानों को सदमा पहुंचा है। इस मौके पर हम दुख व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही और गलत के बीच संघर्ष हमेशा से चलता रहा है। अब सवाल यह है कि हम अपने लोगों की रक्षा और अपने देश की सुरक्षा कैसे करें। इसमें कोई संदेह नहीं है कि लोग मौका मिलते ही नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

बता दें कि अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद ईरानी सरकार ने 40 दिन के शोक का ऐलान किया है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि खामेनेई के चार रिश्तेदार, जिनमें उनकी बेटी, पोता और दामाद शामिल हैं, वे भी अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए।

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