8 मई । बिहार में नई कैबिनेट के गठन के बाद बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नई टीम को लेकर भरोसा जताया और कहा कि सरकार ‘विकसित बिहार’ के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेगी।
रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से कहा कि कैबिनेट का विस्तार हो चुका है और सभी मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पूरी टीम नई ऊर्जा के साथ काम करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री के ‘विकसित बिहार’ के सपने को पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा, लोजपा (रामविलास) और एनडीए के सभी सहयोगी पूरी तरह एकजुट हैं। सरकार में जिसे भी जो जिम्मेदारी दी गई है, वह अपने विभाग के जरिए काम करेगा। सभी का लक्ष्य बिहार के विकास के लिए काम करना है।
वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नए मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि पूरी टीम मिलकर बिहार की जनता की सेवा करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के लिए काम करेगी और बिहार को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी। संजय सरावगी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘जंगलराज’ से बिहार को निकालकर सुशासन स्थापित किया था और अब नए मुख्यमंत्री का लक्ष्य उसी सुशासन के जरिए बिहार को समृद्ध बनाना है।
संजय सरावगी ने नए मंत्रियों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार युवा और शिक्षित नेता हैं और बिहार को उनसे काफी उम्मीदें हैं। इसी वजह से उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। मिथिलेश तिवारी और संजय टाइगर भी अच्छी शिक्षा प्राप्त लोग हैं, इसलिए एक को शिक्षा और दूसरे को उच्च शिक्षा विभाग सौंपा गया है।
उन्होंने कहा कि सभी मंत्री अनुभवी हैं और अपने-अपने विभाग को आगे ले जाने की क्षमता रखते हैं। वहीं, विजय कुमार सिन्हा को बिहार के कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
इस दौरान संजय सरावगी ने राजद पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजद एक परिवार तक सीमित पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव मुख्यमंत्री बने और जब जेल जाने की नौबत आई तो उन्होंने रबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया। तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री, तेज प्रताप यादव को स्वास्थ्य मंत्री और मीसा भारती को सांसद बनाया गया। संजय सरावगी ने दावा किया कि राबड़ी देवी के कार्यकाल में लालू यादव के दोनों साले अनौपचारिक रूप से सरकार चला रहे थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में ‘बिहारी’ शब्द एक गाली जैसा बन गया था।
वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात पर भी एनडीए नेताओं ने तंज कसा। रामकृपाल यादव ने कहा कि दोनों शायद एक-दूसरे के आंसू पोंछने गए होंगे। ममता बनर्जी का राजनीतिक सफाया हो चुका है और अब अखिलेश यादव की बारी है।
संजय सरावगी ने भी कहा कि अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं और वहां भी अखिलेश यादव का पतन होने वाला है, ठीक वैसे ही जैसे जनता ने ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर कर दिया।


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